किशमिश एक ड्राई फ्रूट्स है, जो स्वाद और पौष्टिकता में बेजोड़ माना जाता है. ये अंगूरों से बनाए जाते हैं. अंगूरों को किशमिश बनाने के लिए तब तक सुखाया जाता है, जबतक कि वे गहरे हरे, सुनहरे, भूरे और काले नहीं हो जाते हैं. अच्छी किस्म की किशमिश प्रायः प्राकृतिक रौशनी या धूप में सुखाए जाते हैं. हालांकि, कुछ विशेष प्रकार के किशमिश नियंत्रित तापमान (controlled temperature) में सुखाए गए भी होते हैं.

किशमिश की तासीर

प्रायः सभी ड्राई फ्रूट्स की तरह किशमिश की तासीर भी गर्म होती है. लेकिन, भीगे हुए और पानी या दूध में फुलाए हुए किशमिश की तासीर ठंडी मानी जाती है. चाहे किशमिश सूखी हो या भीगी हुई इसका सेवन एक सीमा तक और नियत मात्रा में ही करना चाहिए और सही तरीके से ही करना चाहिए.

जहाँ तक किशमिश के स्वाद की बात है, किशमिश खट्टी-मीठी होती है. इसका स्वाद भी अंगूरों की किस्म और उनको सुखाए जाने की प्रक्रिया पर निर्भर करता है. और यही बात किशमिश से मिलने वाले पोषण के बारे में भी लागू होती है.

किशमिश के प्रकार

किशमिश के प्रकार अंगूरों की किस्म, रंग, आकार और उनको सुखाए जाने की प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं. बीजरहित किशमिश बनाने के लिए ‘सुल्ताना’, ‘करंट ग्रेप’ और ‘फ्लेम ग्रेप’ जैसे अंगूरों की किस्म का उपयोग किया जाता है.

“सुनहरी किशमिश” को प्रायः नियंत्रित तापमान और आर्द्रता के साथ सुखाया जाता है, जिसे बाद में सल्फर डाइऑक्साइड से उपचारित किया जाता है. भारतीय उपमहाद्वीप में बड़े आकार के अंगूरों से बनाए गए किशमिश को ‘मुनक्का’ कहा जाता है. मस्कट अंगूर से बने किशमिश को ‘मस्कट किशमिश’ कहते हैं, जिसमें बीज हो सकता है.

किशमिश में मिलने वाले मुख्य पोषक तत्त्व

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  • बेहतरीन किस्म के किशमिश में 79 प्रतिशत तक कार्बोहायड्रेट पाया जाता है.
  • किशमिश में 60 से 70 प्रतिशत तक शर्करा होता है. यही कारण है कि यह अधिक ऊर्जा देता है.
  • इसमें 3 प्रतिशत तक प्रोटीन पाया जाता है.
  • किशमिश में 3.5 प्रतिशत रेशा यानी फाइबर मिलता है, जो पाचन में सहायक होता है.
  • अंगूरों की तुलना में किशमिश में विटामिन-सी थोड़ा कम पाया जाता है, लेकिन किशमिश इस विटामिन का एक प्रमुख स्रोत है.
  • किशमिश की एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि इसमें में कोलेस्टेरॉल बिलकुल नहीं होता है.
  • किशमिश एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट खाद्य पदार्थ है.
  • किशमिश पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज, लोहा और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है.
  • इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन-के भी पाया जाता है.

वजन बढ़ाने में सहायक है किशमिश

किशमिश में भरपूर मात्रा में फ्रुक्टोस और ग्लूकोज होता है, जो हमारे शरीर को तुरंत (इंस्टेंट) एनर्जी देता है. यही कारण है कि यह खिलाड़ियों और जिम जाने वाले व्यक्तियों का फेवरिट फूड है. जिनका वजन बहुत कम है और वे वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें नियमित रूप से किशमिश का सेवन करना चाहिए.

कब्ज को दूर करता है किशमिश

किशमिश में पाए जाने वाले फाइबर और विटामिन-सी कब्ज को दूर करते हैं. लेकिन, सूखे किशमिश की तुलना में भीगे हुए किशमिश कब्ज को दूर करने में ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं.

चमकदार त्वचा के लिए खाएं किशमिश

किशमिश में ‘फिनोल’ नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो त्वचा पर झुर्रियाँ नहीं पड़ने देती हैं और बढती उम्र के लक्षण को जल्दी उभरने नहीं देती है. किशमिश के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार बनी रहती है और यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करती है.

किशमिश का सेवन बालों के लिए लाभकारी है

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किशमिश में पाए जाने वाले विटामिन, लोहा, पोटैशियम आदि तत्त्व और इसका एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की रक्त परिसंचरण प्रणाली में सुधार लाता है और हेयर फॉलिकल्स की कोशिकाओं को जागृत करता है. इसलिए जिनके बाल रूखे, दोमुंहे और बेजान हैं, उन्हें किशमिश का नियमित सेवन करना चाहिए. यह बालों उनके नेचुरल रंग में भी बनाए रखता है.

हाइपरटेंशन और डिप्रेशन दूर करने में उपयोगी है किशमिश

किशमिश में पोटैशियम स्तर काफी उच्च होता है, जो रक्त-वाहिकाओं के तनाव नियंत्रित रखने और रक्तचाप को कम करने में सहायक होता है. साथ ही इसमें मिलने वाला फाइबर भी रक्त-वाहिकाओं के जैव रसायन को प्रभावित करने और उनकी कठोरता को कम करता है. ये सभी सम्मिलित रूप से हमें हाइपरटेंशन और डिप्रेशन से दूर रखते हैं.

खून की कमी को दूर करता है किशमिश

जिन्हें खून की कमी यानी एनीमिया की शिकायत है, उन्हें निश्चित रूप से किशमिश को अपने आहार में शामिल करना चाहिए, क्योंकि इसमें लोहा (आयरन), विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स और ताम्बा उच्च मात्रा में पाए जाते हैं. ये सभी तत्त्व शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं.

दृष्टि-दोष और नेत्र रोग को दूर करता है किशमिश

पॉलीफेनॉलिक फाइटोन्यूट्रीएंट्स नामक रसायन से युक्त होने के कारण किशमिश एक नायाब एंटीऑक्सीडेंट खाद्य है. इसलिए किशमिश के सेवन से दृष्टि से संबंधित कमजोरी और मोतियाबिंद से आंखों की रक्षा करते हैं. साथ ही, विटामिन ए, बीटा कैरोटीन और ए कैरोटीनोइड से युक्त होने कारण किशमिश नेत्र-स्वास्थ्य (ऑकुलर हेल्थ) के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.

इसके अतिरिक्त किशमिश खाने से हड्डियाँ मजबूत बनती हैं. यह स्तंभन-दोष को भी दूर करता है.

किशमिश के सेवन से होने वाले नुकसान

  • किशमिश के अनेक फायदे हैं, लेकिन उसका अधिक सेवन नुकसानदेह भी हो सकता है. इसका अधिक सेवन शरीर में कैलोरी की मात्रा को बढ़ा देता है, जिससे व्यक्ति मोटापे की समस्या से ग्रस्त हो सकता है.
  • इस ड्राई फ्रूट में ट्राइग्लिसराइड्स नामक रसायन का स्तर काफी उच्च होता है, जिससे हृदय रोग और फैटी लिवर की समस्या बढ़ सकती है.
  • डायबिटीज (मधुमेह) रोगियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें उच्च मात्रा में फ्रुक्टोस और ग्लूकोज पाया जाता है.